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ज्यादा फ्रूट जूस सेहत के लिए नहीं है सेफ, बन सकता है मौत का खतरा

अगर आप सोचते हैं कि फ्रूट जूस हेल्दी होता है और इसे पीने से आपकी सेहत बनी रहेगी तो हम आपको बता दें कि आपकी यह सोच पूरी तरह से गलत है। कोला, सोडा वाली ड्रिंक या लेमेनेड आपकी सेहत को जितना नुकसान पहुंचाते हैं उससे कहीं ज्यादा सेहत के लिए नुकसानदेह है फ्रूट जूस। रिसर्च की मानें तो फ्रूट जूस के सेवन से समय से पहले मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

ज्यादा फ्रूट जूस सेहत के लिए नहीं है सेफ, बन सकता है मौत का खतरा
ANIL ARORAANIL ARORA | Updated: Monday, May 20, 2019, 04:13

100 पर्सेंट फ्रूट जूस की तुलना कोला और लेमेनेड से
हाल ही में हुई एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि वैसे लोग जो बहुत ज्यादा शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस का सेवन करते हैं उनमें किसी भी वजह से समय से पहले मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अमेरिका के अनुसंधानकर्ताओं ने पहली बार 100 पर्सेंट फ्रूट जूस की तुलना कोला और लेमेनेड जैसे मीठे पेय पदार्थों से की। स्टडी में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस दोनों में काफी समानताएं हैं और इन दोनों के सेवन से समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में और रिसर्च करने की जरूरत है।

ज्यादा फ्रूट जूस पीने से समय से पहले मौत का खतरा 24 प्रतिशत
एक्सपर्ट्स की मानें तो यह स्टडी बेहद अहम है, बावजूद इसके हर दिन 150एमएल गिलास वाले फ्रूट जूस का सेवन करने से किसी तरह का खतरा नहीं है। हालांकि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 24 प्रतिशत बढ़ जाता है। वहीं, सोडा वाले शुगरी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 11 प्रतिशत बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन, सोडा वाले ड्रिंक्स से भी ज्यादा हानिकारक है।

सोडा, शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस के सेवन की जांच
जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन (JAMA) में प्रकाशित इस नई रिसर्च में 13 हजार 440 लोगों के डेटा की जांच की गई। सवाल-जवाब वाले एक क्वेश्चनेयर के जरिए इन लोगों के सोडा और शुगरी ड्रिंक्स के इनटेक के साथ-साथ 100 पर्सेंट फ्रूट जूस के सेवन के आंकड़ों को भी रेकॉर्ड किया गया और यह जानने की कोशिश की गई आखिर वे कब और कितना इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं।

फ्रूट जूस और शुगरी ड्रिंक्स के न्यूट्रिएंट कंटेंट भी एक जैसे
6 साल के फॉलोअप के दौरान पता चला कि एक औसत के मुताबिक करीब 1 हजार लोगों की मौत किसी भी वजह से हो गई जबकि 168 लोगों को मौत कोरोनरी हार्ट डिजीज यानी हृदय संबंधी बीमारियों की वजह से हुई। अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो इस रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि बहुत ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थ जिसमें सोडा, लेमेनेड और फ्रूट जूस जैसे ड्रिंक्स शामिल हैं का संबंध बढ़े हुए मृत्यु दर से है। यहां तक की 100 पर्सेंट फ्रूट जूस और शुगर स्वीटेंड बेवरेज (SSB) का न्यूट्रिएंट कंटेंट भी एक जैसा होता है।

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